गर्मी में सत्तू कैसे है हेल्दी, जानें इसके फायदे!

इन दिनों गर्मी अपने चरम पर हैं और ज्यादा से ज्यादा पानी पीकर भी कोई लाभ नज़र नहीं आता है। ऐसे में सत्तू का शरबत आपको गर्मी से राहत देने में कारगर साबित हो सकता है।

सत्तू को ना सिर्फ आप शरबत के रूप में पी सकते हैं बल्कि सत्तू का उपयोग आप कई तरह से कर सकते हैं और इतनी पचंड गर्मी में भी आप खुद को हेल्दी रख सकने में सफल साबित हो सकते हैं।

बता दें कि गर्मी में खानपान का खास ख्याल ना सिर्फ आपके शरीर के लिए बेहतर होता है, बल्कि आपको डॉक्टर के पास भी जाने से बचा सकता है। हम सभी जानते हैं कि गर्मी में प्यास कितनी ज्यादा लगती है और इसके लिए हम पानी से लेकर जूस, शरबत आदि का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा करते हैं। इस तपती गर्मी में सत्तू आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। काले चनों से बना सत्तू सबसे ज्यादा शरबत के तौर पर इस्तेमाल होता है। खासकर के बिहार, बंगाल और उत्तर प्रदेश में रहने वाले परिवार इसका खूब इस्तेमाल करते हैं। अपने सत्तू को और प्रभावशाली बनाने के लिए आप इसमें ज्वार और बाजरे का आटा भी मिला सकते हैं।

सत्तू का महत्व –

सत्तू जो है वह भूने हुए चने से तैयार किया जाता है और इसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इससे सत्तू का प्रोटीन खत्म नहीं होता है। पानी से भी ज्यादा शरीर को ठंडक पहुंचाने में मदद करता है सत्तू। जो लोग फिटनेस फ्रिक हैं उनके लिए सत्तू की बनी ड्रिंक किसी रामबाण से कम नहीं है। बता दें कि सत्तू ना सिर्फ आपके शरीर को पानी से भी ज्यादा ठंडक पहुंचाता है बल्कि वह साथ ही प्रोटीन भी देता है और इसका फायदा सबसे ज्यादा वर्कआउट के बाद होता है।

सत्तू – श्रमिकों की है पहली पसंद

वह मजदूर जो पूरे दिन तेज़ धूप में काम करते हैं उनके लिए सत्तू से ज्यादा बेहतर चीज़ और क्या हो सकती है। जहां एक ओर यह आपके खाने में स्वाद लाती है वहीं दूसरी ओर सत्तू में बहुत ज्यादा प्रोटीन भी मौजूद होता है जो आपके स्वास्थ के लिए काफी लाभदायक साबित हो सकता है। यह काफी सस्ता भी है और आपको बाजार में आसानी से मिल भी सकता है।

बच्चों के लिए कैसे फायदेमंद है सत्तू –

बढ़ती उम्र के बच्चों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है सत्तू। अगर सत्तू के बने आटे का स्वाद आप दोगुना करना चाहते हैं तो आप गुड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसा कि हमने पहले भी बताया कि सत्तू से शरीर को प्रोटीन, विटामिन ए, कार्बोहाईड्रेट्स, मिनरल सभी मिलता है, इसलिए आटे में भी थोड़ी मात्रा में सत्तू का उपयोग आप कर सकते हैं।

डायबटीज़ के मरीज़ों के लिए लाभदायक है सत्तू –

सत्तू में अच्छी मात्रा में आयरन, मैगनीज़, मैग्नीशियम, कम ग्लाइसेमिक और सोडियम होता है, इसलिए जानकारों की माने तो डायबटीज के मरीजों के लिए भी सत्तू बहुत फायदेमंद होती है।

सत्तू से बनने वाले यह हैं कुछ प्रमुख व्यंजन –

सत्तू सिर्फ शरबत ही नहीं, बल्कि कई स्वादिष्ट व्यंजन बनाने में भी काम आता है। बिहार-पूर्वांचल में सबसे लज़ी़ज़ लिट्टी में भी सत्तू ही भरा जाता है। सत्तू के पराठे भी ठीक उसी तरह से ही बनते हैं जैसे हम आलू, मुली, गोभी आदि के पराठे बनाते हैं। आप चाहे तो सत्तू भरी हुई पूड़ियां भी बना सकते हैं।

सत्तू कब पहुंचा सकती है नुकसान –

रात में सत्तू से बने व्यंजन खाने से परहेज करें। जब भी सत्तू का शरबत पिएं तो उसे पतला ही रखें, ताकि यह आसानी से पच जाए। याद रखें कि खाली पेट सत्तू शरीर के लिए सबसे ज्यादा लाभदायक माना जाता है। सत्तू को दूध में मिलाकर कभी नहीं पीना चाहिए।

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