हार्ट ब्लॉकेज: कारण, लक्षण और उपचार

हार्ट ब्लॉकेज क्या है?

दिल तो है दिल… दिल का ऐतबार क्या कीजै… अब आप सोच रहे होंगे कि भला हम यह गाना क्यों गा रहे हैं… दरअसल, दिल हमें जीवीत रखने में बहुत अहम रोल प्ले करता है अगर आपका दिल ही सही से काम ना करें तो आपका जीवीत रहना नामुमकिन है। बात जब दिल की हो रही है तो उससे जुड़ी धड़कन को हम भला पीछे कैसे छोड़ सकते हैं। बता दें कि दिल संबंधित ही एक समस्‍या है हार्ट ब्लॉकेज।

किसी ने सही कहा है कि बीमारी कभी नाम पूछकर नहीं आती है… कई बार तो यह बीमारी जन्म लेते ही बच्‍चों को अपना शिकार बना लेती है वहीं, कुछ लोगों में यह समस्‍या बड़े होने के बाद शुरू होती है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जन्‍मजात होने वाली समस्‍या को कोनगेनिटल हार्ट ब्‍लॉक जबकि बड़े होने पर हार्ट ब्‍लॉकेज की होने वाली समस्‍या को एक्‍वीरेड हार्ट ब्‍लॉक कहते हैं।

यूं तो इन दिनों कोनगेनिटल हार्ट ब्‍लॉक के मुकाबले एक्‍वीरेड हार्ट ब्‍लॉक एक आम समस्‍या है। हार्ट मशल और इसके इलेक्ट्रिकल सिस्‍टम के कारण एक्‍वीरेड हार्ट ब्‍लॉक की प्रॉब्‍लम होती है। हालांकि इसका उपचार बाइपास सर्जरी, एंजियोप्लास्टी अथवा महंगी दवाएं है।

आइए बताते हैं हार्ट ब्‍लॉकेज के लक्षण –

अगर आप हार्ट ब्लॉकेज की समस्या से ग्रसित है तो आपको सबसे पहले यह जानने की ज़रूरत है कि आपको किस डिग्री की ब्‍लॉकेज हैं। फर्स्‍ट डिग्री हार्ट ब्‍लॉकेज का कोई खास लक्षण देखने को नहीं मिलता है। वहीं, सेकेंड डिग्री और थर्ड डिग्री हार्ट ब्‍लॉकेज में दिल की धड़कनें निश्चित समय अंतराल पर ना होकर रूक-रूक कर होती है। इस तरह की हार्ट ब्‍लॉकेज के अन्‍य लक्षण हैं –

  • चक्‍कर आना या बेहोश हो जाना
  • सिर में दर्द की शिकायत हमेशा रहना
  • थोड़ा काम करने पर थकान सा महसूस करना
  • छोटी सांस आना व सीने में दर्द रहना आदि

अब बात थर्ड डिग्री हार्ट ब्‍लॉकेज की जिसमें रोगी को तुरंत इलाज की जरूरत होती है क्‍योंकि यह घातक साबित हो सकती है।

हार्ट ब्‍लॉकेज का घरेलू उपचार यहां –

  • रोजाना सुबह 3 से 4 किलोमीटर की सैर करें
  • सुबह को लहसुन की एक कली जरूर से खाएं। इसको लेने से कोलेस्‍ट्राल कम होता है।
  • खाने में बैंगन का प्रयोग करें क्योंकि यह कोलेस्‍ट्राल की मात्रा कम करता है।
  • प्याज अथवा प्याज के रस का सेवन करने से भी आपकी हार्टबीट हमेशा कंट्रोल में रहेगी।
  • हार्ट के रोगियों को खासकर के हरी साग-सब्‍जी – लौकी, पालक, बथुआ और मेथी जैसी कम कैलोरी वाली सब्जियों का सेवन करना चाहिए।
  • घी, मक्खन, मलाईदार दूध और तली हुई चीजों से खुद को दूर रखें।
  • अदरक अथवा अदरक का रस भी खून का थक्का बनने से रोकता है।
  • शराब के सेवन और धूम्रपान से भी खुद को दूर रखें।

4 thoughts on “हार्ट ब्लॉकेज: कारण, लक्षण और उपचार

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