यह 5 वजह जो महिलाओं को अनचाहे रिलेशनशिप से बांधे रखती है!

आपने कई लोगों से यह सुना होगा कि जोड़ियां जो हैं वह भगवान ऊपर से बनाकर भेजता है बस उनके मिलने भर की देर होती है। आम शब्दों में कहे तो जोड़ियां भले आसमान में बनती हैं पर वह खास रिश्ता धरती पर ही निभाया जाता है। लेकिन तब क्या हो जब स्वर्ग में बनी इन जोड़ियों में अगर आपसी तालमेल और प्यार की कमी हो जाए… तो ऐसे में रिश्ता ज्यादा दिनों तक नहीं टिक पाता है और ज़िंदगी के बीच में ही जोड़ियां टूट जाती है।

देखा जाए तो टूटते हुए रिश्ते को बचाने के लिए महिलाओं के ऊपर जाने-अनजाने ज्यादा प्रेशर बना होता है, आइए जानते हैं कि आखिर कौन से हैं वह 5 वजह जो किसी भी महिला को रिश्ते में ‘समझौता’ करने के लिए कर देते हैं मजबूर –

  • कन्फ़्यूजन (Confusion)

मनोवैज्ञानिकों की सर्वे के अनुसार शारीरिक और मानसिक उत्पीड़ना झेलना के बावजूद कई बार महिलाएं अपने रिश्ते को लेकर बहुत कन्फ़्यूज रहती हैं। यही नहीं, कई महिलाएं तो अपने साथ होने वाले दुर्व्यवहार के लिए खुद को ही दोषी मानने लगती हैं, जिसके कारण उनका खुद का आत्मसम्मान कहीं खो सा जाता है और उन्हें लगने लगता है कि उनका जीवन अब बेकार हो गया है।

  • समाज का डर –

दुनिया में कोई किसी से डरे या ना डरें पर समाज से हर कोई डरता है और खासकर के महिलाएं। इसी एक डर से महिलाओं के दिमाग में एक ही बात चलती है कि – ‘लोग क्या कहेंगे’ और बस यह सोचकर वह अपने हिंसक रिश्ते से बाहर नहीं निकल पाती हैं। कुछ महिलाएं तो अपने ऊपर बीत रहे यह दर्दनाक किस्सों को किसी से शेयर भी नहीं कर पाती है।

  • पार्टनर के सुधरने की उम्मीद –

महिलाएं जो हैं वह पुरुषों के मुकाबले थोड़ी ज्यादा इमोशनल होती हैं इसलिए भी वह अपने पार्टन को बार बार सुधरने का मौका देती है कि कभी तो वह सुधरेगा और आपसे सच्चा रिश्ता निभाएगा। बता दें कि यह सोच सिर्फ कम पढ़ी-लिखी महिलाए ही नहीं बल्कि नौकरी करने वाली महिलाएं भी रखती हैं और अपने अनचाहे रिश्तों को मजबूरी में निभाती हैं।

  • बच्चों के भविष्य के लिए –

किसी भी पति और पत्नी को बांधे रखने की कड़ी होती है बच्चे। जी हां, बच्चों को अच्छा भविष्य एक पिता ही दे सकता है यह गलत धारणा मन में रखकर महिलाएं हिंसा को सहती रहती है ताकि उनके बच्चे का भविष्य खराब ना हो फिर चाहे उनका भविष्य आगे कैसा भी क्यों ना हो… हमारे देश में आज भी सिंगल पैरेंट बनकर बच्चे की जिम्मेदारी उठाना बहुत मुश्किल काम माना जाता है और ऐसे में एक महिला ना चाहकर भी अनचाहा रिश्ता उम्रभर झेलती रहती है।

  • परिवार का दबाव –

कुछ महिलाएं अपने परिवार से काफी क्लोज़ रहती है और इसलिए उनकी बातों पर आंख बंद कर के विश्वस करती है। हिंसा को सहना हर पत्नी का फर्ज है और उस, जगजाहिर ना करना भी उसका ही कर्तव्य है… यह बातें भी एक महिला को अंदर से तोड़ देती है और वह अनचाहे रिश्ते में बेबस होकर बंध जाती है।

  • आर्थिक स्थिति करती है मजबूर –

आज भी कई महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी नहीं है जिसके कारण उन्हें अपने पति पर डिपेंड रहना पड़ता है और नतीजा उनका अपमान, मार भी सब सहना पड़ता है। किसी महिला के लिए खुद के पैरों पर खड़ा होना बेहद ज़रूरी है क्योंकि भविष्य में कब क्या हो आपको नहीं मालुम… पैसा या यूं कहे कि आर्थिक स्थिति भी ठीक नहॆं होने के कारण महिलाएं अपना रिश्ता नहीं तोड़ पाती है और चुपचाप हिंसा सहती रह जाती है।

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